शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी गई ईद -उल -अजहा की नमाज़  शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी गई ईद -उल -अजहा की नमाज़  .

                  

मधेपुरा जिले के सभी प्रखंड में शांति पूर्ण तरीके से अदा की गई ईद उल अजहा की नमाज़ ! 7:30बजे ही सिंघेश्वर में ईद उल अजहा को नमाज़ अदा की गई ! ईद उल अजहा में अभी मुस्लिम समाज के लोग अपने अपने नाम से कुर्बानी देते है !ईद-उल-अज़हा अथवा ईद-उल-अद्'हा - जिसका मतलब क़ुरबानी की ईद) इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग ७० दिनों बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है की एक बार अल्लाह  ने हज़रत इब्राहिम को कहा की इब्राहिम तुझे जो चीज जायदा प्यारी है उसे तुम मेरे लिए कुर्बानी दो, तो हजरत इब्राहिम ने अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता!इस दिन सभी सुबह में नमाज़ अदा करने के बाद अपने घरो में कुर्बानी देते है !v!